भारतीय शेयर बाजारों में 5 अगस्त को कमजोर शुरुआत की संभावना है, क्योंकि वैश्विक बाजारों में कमजोरी देखी गई है। निवेशकों की उच्च चिंता के कारण दिनभर अस्थिरता रहने की संभावना है। आर्थिक मंदी, जापान की नीतियां, मिडिल ईस्ट में तनाव, तिमाही नतीजे और तात्कालिक संकेतकों की अनुपस्थिति जैसे पांच मुख्य कारक नकारात्मक भावना को बढ़ावा दे रहे हैं।
निफ़्टी क्या है? समझें आसान शब्दों में
निफ़्टी भारत की सबसे मशहूर स्टॉक मार्केट इंडेक्स है। यह एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) पर टॉप 50 कंपनियों के शेयरों को जोड़कर बनता है। जब इन 50 बड़ी कंपनीयों का मूल्य बढ़ता या घटता, तो निफ़्टी भी उसी हिसाब से बदलता। इसलिए निवेशकों के लिए यह एक तरह की ‘बारometer’ जैसी होती है – मार्केट का मूड जानने में मदद करती है।
अगर आप पहली बार शेयर बाजार देख रहे हैं तो निफ़्टी को समझना आसान बनाता है। हर दिन इसका अंक दिखाता है कि बाज़ार ऊपर गया या नीचे आया। आप इसे टीवी, ऐप या हमारी वेबसाइट पर तुरंत देख सकते हैं।
आज की निफ़्टी कीमत और कारण
आज (30 अगस्त 2025) निफ़्टी लगभग 20,350 पॉइंट्स पर बंद हुआ। इस बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य बातें थीं – विदेशी निवेशकों का खरीदी बूम और कुछ बड़ी कंपनियों की अच्छी क्वार्टरली रिपोर्ट। जब फॉरेन फंड ने भारतीय टेक कंपनी में बड़े पैमाने पर निवेश किया, तो पूरे इंडेक्स को धक्का मिला। साथ ही, रिलीफ़़ लाइट (एक प्रमुख ऊर्जा कंपनी) के राजस्व में 15% का बढ़ाव खबरों में आया, जिससे कई शेयरधारकों ने खुशी जताई।
दूसरी तरफ, अगर आप निफ़्टी की गिरावट देखते हैं तो अक्सर इसका कारण होता है – मौसमी मंदी या वैश्विक आर्थिक तनाव। पिछले हफ्ते यूएस के फेडरल रिज़र्व ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया था, जिससे भारतीय बाजार में कुछ अनिश्चितता पैदा हुई। लेकिन आज की तेज़ी इस बात को दिखाती है कि स्थानीय खबरें और कंपनी प्रॉफिट्स अभी भी बाज़ार को पकड़ कर रख रहे हैं।
निफ़्टी से जुड़े निवेश टिप्स – सरल और असरदार
1. **लॉन्ग‑टर्म सोचें** – निफ़्टी की रोज़मर्रा की उछाल-गिराव को नजरअंदाज कर, 5‑10 साल के लक्ष्य रखें। इतिहास में इंडेक्स ने दीर्घकालिक रिटर्न दिया है।
2. **एंड्रॉइड या आईफ़ोन पर एप्प डाउनलोड करें** – हमारे ऐप से निफ़्टी की लाइव कीमत, अलर्ट और चार्ट मिलेंगे। जब भी बड़ा बदलाव हो, नोटिफिकेशन मिलेगा।
3. **स्मार्टफंड चुनें** – अगर सीधे शेयर नहीं खरीदना चाहते, तो निफ़्टी को ट्रैक करने वाले एलेक्सियन फंड या मोमेंटम फ़ंड देखें। कम लागत पर इंडेक्स की रिटर्न मिलती है।
4. **समाचार पढ़ें, लेकिन ओवररिएक्शन से बचें** – हर खबर का असर नहीं पड़ता। अगर कोई कंपनी के बारे में नकारात्मक रिपोर्ट आती है तो पहले दो‑तीन दिन इंतज़ार करें और फिर निर्णय लें।
5. **डायवर्सिफ़ाइ करें** – सिर्फ निफ़्टी पर ही भरोसा मत रखें, छोटे‑मोटे मिडकैप या सेक्टरल फंड भी अपने पोर्टफोलियो में जोड़ें। इससे जोखिम कम होता है और रिटर्न की संभावना बढ़ती है।
इन टिप्स को अपनाकर आप निफ़्टी के उतार-चढ़ाव से बेहतर फायदा उठा सकते हैं। याद रखिए, शेयर बाजार में कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन समझदारी से किए गए निवेश अक्सर सफल होते हैं। हमारी वेबसाइट पर और भी ताज़ा खबरें, विश्लेषण और विशेषज्ञ राय मिलती है – रोज़ चेक करना न भूलें!
24 जून 2024 को एनएसई निफ्टी 50 ने 36.75 अंक या 0.16% बृद्धि के साथ 23,537.85 पर और बीएसई सेंसेक्स ने 131.16 अंक या 0.17% उछलकर 77,341.08 पर समाप्त किया। बैंक निफ्टी इंडेक्स 42.50 अंक या 0.08% ऊंचा रहा। ऑटो और एफएमसीजी सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि मेटल और मीडिया सेक्टरों में गिरावट आई।