फ्रांस में संसदीय चुनावों के बाद वामपंथी गठबंधन 'न्यू पॉपुलर फ्रंट' ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का केंद्र-संबंधी गठबंधन दूसरे स्थान पर रहा। न तो किसी को बहुमत मिला और परिणामस्वरूप हिंसक प्रदर्शन हुए। वामपंथी गठबंधन ने मैक्रों की पेंशन सुधार योजनाओं को खत्म करने का वादा किया है। प्रधानमंत्री गेब्रियल अटाल ने इस्तीफा दिया।
संसद की ताज़ा खबरें और क्या मतलब है आपके लिए
अगर आप रोज़ राजनीति में क्या चल रहा है जानना चाहते हैं तो सही जगह पर आ गए हैं. इस पेज पर हम संसद से जुड़े सबसे ज़रूरी अपडेट एक ही जगह देते हैं – चाहे वह सांसदों के बयान हों, बिल पास होना हो या विशेष सत्र की तैयारी.
संसद में हालिया घटनाएँ
पिछले हफ़्ते लोकसभा ने कई अहम बिल पारित किए. सबसे बड़ी चर्चा वित्तीय वर्ष 2025‑26 के बजट पर रही, जहाँ आयकर स्लैब में बदलाव और 80C कटौती में सुधार की बात कही गई. इस फैसले से मध्यम वर्ग को राहत मिलने का अनुमान है.
साथ ही, विधायी समिति ने महिला सुरक्षा संबंधित एक नया प्रस्ताव पेश किया. यह प्रस्ताव महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने वाले क़ानून को सख्त बनाने पर केंद्रित है और जल्द ही मतदान होगा. अगर आप इस बारे में गहराई से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए लेखों को देखिए.
मुख्य मुद्दे और उनका असर
संसद में चल रहे बहस का एक बड़ा हिस्सा विदेश नीति पर है. हाल ही में भारत ने यूएन में कूटनीति की नई रणनीति अपनाई, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ दबाव बढ़ा. इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं और विपक्षी पार्टियों ने इसका गंभीर विश्लेषण किया.
दूसरी ओर, आर्थिक सुधारों पर भी गहरी चर्चा चल रही है. हालिया सत्र में KOSPI की तेज़ी और शेयर बाजार के बदलावों को भारतीय नीतियों से जोड़ा गया है. निवेशकों को यह समझने में मदद मिलती है कि कैसे विदेश में चुनाव परिणाम हमारे स्टॉक्स को प्रभावित कर सकते हैं.
अगर आप इन मुद्दों को रोज़ाना फॉलो करना चाहते हैं तो बस इस टैग को बुकमार्क करें. यहाँ से आप सभी नई रिपोर्ट, विशेषज्ञ राय और विस्तृत विश्लेषण तक तुरंत पहुँच पाएँगे – चाहे वह संसद में हुए छोटे‑छोटे परिवर्तन हों या बड़े राष्ट्रीय फैसले.
समाचार पर्दे का लक्ष्य है कि आपको सिर्फ़ समाचार नहीं, बल्कि समझ भी मिले. इसलिए हर लेख के नीचे ‘क्या आप जानते हैं?’ सेक्शन रखेंगे जहाँ मुख्य बिंदुओं को आसान शब्दों में बताया जाएगा. इस तरह आप बिना समय गँवाए जल्दी से फैसला ले सकेंगे.
अंत में, यदि आपके पास संसद से जुड़े सवाल या सुझाव हों तो टिप्पणी बॉक्स में लिखें. हमारी टीम सीधे उत्तर देने की कोशिश करेगी, ताकि आपका अनुभव और भी बेहतर हो सके.