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ऋण वृद्धि – क्या बदल रहा है?

हर दिन हमें बैंकिंग हेडलाइन्स में नए लोन पैकेज या बढ़ती ब्याज दरों के बारे में सुनते हैं। लेकिन आम आदमी को इन बदलावों का असली असर समझना अक्सर कठिन लगता है। इस लेख में हम सरल भाषा में बताते हैं कि वर्तमान ऋण वृद्धि किस दिशा में जा रही है, कौन‑से कारक इसे चलाते हैं और आप अपने पैसे की रक्षा कैसे कर सकते हैं।

ब्याज दर और RBI की नई दिशा

रिज़र्व बैंक ने हाल ही में रेपो रेट में दो बिंदु की बढ़ोतरी की, जिससे अधिकांश वाणिज्यिक बैंकों को भी अपनी लोन‑रेटेंशन्स ऊपर करनी पड़ी। इसका मतलब है कि नया होम लोन या कार लोन लेने वाले लोगों को थोड़ा ज्यादा ब्याज देना पड़ेगा। लेकिन ध्यान रखें – सभी ऋण पर यही असर नहीं होता। छोटे समय के व्यक्तिगत लोन अक्सर फिक्स्ड रेट पर होते हैं, इसलिए आपका मौजूदा प्लान उसी दर से चलता रहेगा जब तक आप इसे रीफ़ाइनेंस नहीं करते।

ब्याज दर बढ़ने की खबर सुनकर कई लोग अपने ऋण को जल्दी चुकाने का विचार कर सकते हैं। यह सही कदम है अगर आपके पास अतिरिक्त बचत या साइड इनकम है। दूसरी ओर, यदि आपका नकदी प्रवाह स्थिर नहीं है तो लोन में पहले से तय किफ़ायती रेट पर ही रहना बेहतर रहेगा।

उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी टिप्स

1. क्रेडिट स्कोर देखें: जब भी नया ऋण ले रहे हों, सबसे पहले अपना क्रेडिट स्कोर चेक करें। हाई स्कोर वाले लोग अक्सर कम ब्याज पर लोन पा लेते हैं। यदि आपका स्कोर नीचे है तो कुछ महीनों में इसे सुधरने की कोशिश करें – जैसे समय पर बिल भुगतान और मौजूदा लोन का नियमित रीपेमेंट।

2. विभिन्न बैंकों के ऑफ़र तुलना करें: हर बैंक अपनी प्रोमोशनल रेट रखता है, कभी‑कभी 0.5% तक की छूट भी मिल सकती है। ऑनलाइन लोन कम्पेयर टूल्स का इस्तेमाल करके आप सबसे कम दर वाला विकल्प आसानी से चुन सकते हैं।

3. रीफ़ाइनेंस के बारे में सोचें: अगर आपकी मौजूदा ऋण पर ब्याज अब बहुत अधिक हो गया है, तो रीफ़ाइनेंस करने से आप सालाना कई हज़ार रुपये बचा सकते हैं। लेकिन रीफ़ाइनेंस फीस और नई टर्म की जाँच ज़रूर करें, कहीं कुल लागत बढ़ न जाए।

4. ब्याज मुक्त अवधि का फायदा उठाएँ: कई क्रेडिट कार्ड में पहले 30‑45 दिनों तक ब्याज नहीं लगता अगर आप पूरी राशि एकमुश्त चुका देते हैं। इस विंडो को समझदारी से इस्तेमाल करने से आपका खर्च काफी कम हो सकता है।

5. भविष्य की योजना बनाएं: ऋण लेने से पहले यह तय करें कि आप इसे कितने साल में चुकाना चाहते हैं और क्या आपके पास अतिरिक्त आय के स्रोत होंगे। लोन टर्म जितनी छोटी होगी, कुल ब्याज उतना ही कम रहेगा, लेकिन मासिक इंस्टॉलमेंट बड़ा हो सकता है।

इन सरल कदमों को अपनाकर आप ऋण वृद्धि की तीव्रता से बच सकते हैं और अपनी वित्तीय स्थिति को संतुलित रख सकते हैं। याद रखें, जानकारी ही शक्ति है – जितना अधिक समझेंगे, उतनी ही बेहतर निर्णय ले पाएँगे।

IREDA की मुनाफे में 30% की सालाना वृद्धि, कर्ज पोर्टफोलियो में विस्तार के साथ
Jonali Das 0

IREDA की मुनाफे में 30% की सालाना वृद्धि, कर्ज पोर्टफोलियो में विस्तार के साथ

इंडियन रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 की पहली तिमाही में अपना मुनाफा 30% बढ़ाकर ₹3.84 बिलियन कर लिया है। यह वृद्धि कंपनी के कर्ज पोर्टफोलियो के विस्तार और एनपीए में गिरावट के कारण संभव हो सकी है। एजेंसी के कुल आय में भी 32% की वृद्धि हुई है।