दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 228.1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कई हिस्सों में भारी जलभराव हो गया। सफदरजंग में जून माह में 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश का पिछला रिकॉर्ड 235.5 मिमी था, जो 28 जून 1936 को दर्ज किया गया था। इस दौरान दिल्ली में 150 मिमी से अधिक बारिश हुई। भारी बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और ट्रैफिक प्रभावित हो गया।
जलभराव: क्या है, क्यों होता है और कैसे बचें?
जब बारिश का पानी जमीन में नहीं समा पाता या नदी‑नालों का जलस्तर बढ़ जाता है, तो अक्सर हम सबको परेशान करने वाला जलभराव देख सकते हैं। यह सिर्फ एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि कई बार मानव गतिविधियों के कारण भी बढ़ता है। आज मैं आपको बताऊँगा कि जलभराव क्यों होता है और आप अपने घर व परिवार को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।
जलभराव के मुख्य कारण
पहला कारण है अत्यधिक बारिश। मौसमी बदलाव, गरमियों के बाद अचानक तेज़ बरसात या मॉनsoon की लहरें नदियों को भर देती हैं और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा हो जाता है। दूसरा कारण है शहरीकरण—शहरों में हर जगह कंक्रीट का उपयोग होता है जिससे जल भूमि में नहीं घुस पाता, इसलिए वह तुरंत सतह पर बहता है। तीसरा, वनकटाई और बंजर जमीन भी जल को सोखने की क्षमता कम कर देती हैं, जिससे नदियों में जल्दी‑जल स्तर बढ़ जाता है।
इन्हीं कारणों से पिछले साल उत्तर भारत के कई जिलों में तेज़ी से जलभराव हुआ था। लोग अपने घरों से बाहर निकले, सड़कें बंद हो गईं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी बाधित हुई। ऐसे मामलों में स्थानीय प्रशासन अक्सर चेतावनी जारी करता है, लेकिन पहले से तैयारी करने से नुकसान कम किया जा सकता है।
जलभराव से बचने के आसान उपाय
सबसे पहला कदम है मौसम रिपोर्ट पर नज़र रखना। अगर भारी बारिश का अलर्ट आया हो तो बाहर जाने की जरूरत को टालें और घर में सुरक्षित रहें। दूसरा, अपने घर के आसपास के गड्ढे साफ रखें—कचरा या रेत जमा होने से पानी सही ढंग से निकाला नहीं जा पाता।
तीसरा, अगर आपके घर का निचला हिस्सा बाढ़‑प्रवण है तो कुछ रेत या बैरिकेड बनाकर थोड़ा ऊँचा बना सकते हैं। छोटे‑बड़े वस्तुओं को ऊपर की मंज़िल पर रख दें ताकि पानी के आने से बचा जा सके। चौथा, आपातकालीन किट तैयार रखें—टॉर्च, प्राथमिक चिकित्सा सामग्री, कपड़े और कुछ नकदी हमेशा हाथ में रखें।
पाँचवां टिप है पड़ोसियों के साथ मिलकर एक बाढ़‑सुरक्षा योजना बनाना। अगर कई घरों को एक ही रास्ते से बाहर निकलना हो तो एक-दूसरे की मदद करना आसान रहता है। आप स्थानीय अधिकारियों को भी जल्दी‑जल सूचना देने में सहयोग कर सकते हैं।
अंत में, याद रखें कि जलभराव अचानक आ सकता है, पर सही जानकारी और तैयारी से आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं। अगर अभी भी कोई संदेह या सवाल है तो अपने निकटतम नगरपालिका कार्यालय या सिविल डिफेंस टीम से संपर्क करें। सुरक्षित रहें, सतर्क रहें—और जल की शक्ति को समझकर ही आगे बढ़ें।