इंडियन रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 की पहली तिमाही में अपना मुनाफा 30% बढ़ाकर ₹3.84 बिलियन कर लिया है। यह वृद्धि कंपनी के कर्ज पोर्टफोलियो के विस्तार और एनपीए में गिरावट के कारण संभव हो सकी है। एजेंसी के कुल आय में भी 32% की वृद्धि हुई है।
IREDA क्या है? जानिए इसके प्रमुख कार्य और लाभ
जब बात भारत की हरित ऊर्जा की आती है तो IREDA (इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) का नाम सबसे पहले सुनाई देता है। यह सरकारी संस्थान नवीनीकरण परियोजनाओं को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और नीति समर्थन प्रदान करता है। अगर आप सौर पैनल लगाना चाहते हैं या बायोमास प्लांट शुरू करना चाहते हैं तो IREDA की स्कीम्स आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
मुख्य फाइनेंसिंग विकल्प
IREDA दो तरह के लोन देती है – टर्म लोन और प्रोजेक्ट लोन। टर्म लोन में ब्याज दर कम होती है और पुनर्भुगतान अवधि लंबी, जिससे छोटे उद्यमियों को आसान भुगतान मिलता है। प्रोजेक्ट लोन बड़े पैमाने पर स्थापित करने वाले कंपनियों के लिए होता है, जिसमें अक्सर 70‑80% तक की फंडिंग मिलती है। दोनों ही मामलों में आपको केवल एक ठोस परियोजना योजना और आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होते हैं।
फाइनेंसिंग के अलावा IREDA तकनीकी सलाह भी देता है। अगर आप सौर ऊर्जा प्रणाली डिजाइन कर रहे हैं तो उनकी एक्सपर्ट टीम से संपर्क करके बेहतर लेआउट, मॉड्यूल चयन और इन्वर्टर की सलाह ली जा सकती है। इससे लागत बचाने में मदद मिलती है और परियोजना जल्दी शुरू होती है।
कैसे अप्लाई करें: आसान कदम‑बाय‑कदम गाइड
पहला कदम – IREDA की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Apply for Funding’ सेक्शन खोलें। वहां आपको फॉर्म मिलेगा जहाँ आप अपने प्रोजेक्ट का विवरण, अनुमानित लागत और अपेक्षित ऊर्जा उत्पादन भरते हैं। दूसरा कदम – आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें: कंपनी पैन, टैक्स रिटर्न, तकनीकी रिपोर्ट और पर्यावरण मंजूरी। तीसरा कदम – फ़ॉर्म जमा करने के बाद IREDA की टीम आपके प्रोजेक्ट को मूल्यांकन करेगी। अगर सब ठीक रहा तो आपको लोन ऑफर लेटर मिल जाएगा।
ध्यान रखें कि सभी दस्तावेज़ साफ‑सुथरे और अद्यतित हों। अक्सर छोटे त्रुटियों से प्रक्रिया में देरी हो सकती है, इसलिए दोबारा चेक कर लेना बेहतर रहता है। एक बार लोन मंजूर हो जाए तो फंड सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाता है, जिससे आप तुरंत काम शुरू कर सकते हैं।
IREDA की कुछ प्रमुख योजनाएँ जैसे ‘Solar Rooftop Scheme’, ‘Wind Power Financing’ और ‘Hybrid Projects Support’ को भी देखें। इन स्कीम्स में अतिरिक्त सब्सिडी या टैक्स रिबेट मिल सकता है, जो आपके प्रोजेक्ट को और अधिक लाभदायक बनाता है।
समाप्ति पर यह कहना सही रहेगा कि IREDA भारत की हरित ऊर्जा यात्रा का एक महत्वपूर्ण भाग है। चाहे आप छोटे स्तर पर सोलर पैनल लगाना चाहते हों या बड़े पैमाने पर बायो‑गैस प्लांट शुरू करना, IREDA के पास आपके लिए फाइनेंसिंग और तकनीकी मदद दोनों उपलब्ध हैं। सही जानकारी और समय पर आवेदन करके आप न केवल अपनी ऊर्जा लागत घटा सकते हैं बल्कि पर्यावरण में भी सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।