मेरे लेख ढूँढें
B L O G
समाचार पर्दे

टी20आई कप्तानी: क्यों जरूरी है और कौन बनता है?

जब आप क्रिकेट का टी20 मैच देखते हैं, तो अक्सर नजर बल्लेबाज़ों या बॉलर पर ही रहती है. लेकिन असली खेल को चलाने वाला एक आदमी होता है – कप्तान. वह फील्ड सेटिंग, बॉलिंग प्लान और कभी‑कभी बैटिंग क्रम तय करता है. इसलिए टी20आई में कप्तानी सिर्फ जर्सी नहीं, बल्कि टीम की सोच भी होती है.

कप्तान चुनने के मानदंड

हर बोर्ड का अपना तरीका होता है, लेकिन आम तौर पर चार चीज़ें देखी जाती हैं – खेल समझ, दबाव में शांत रहना, टीम को मोटिवेट करना और मैदान पर तेज़ निर्णय लेना. अगर खिलाड़ी ने पहले किसी उम्र‑ग्रुप या ए-टीम में सफल नेतृत्व दिखाया हो तो उसे तुरंत ध्यान में लाया जाता है. कई बार वो खुद ही अपने प्रदर्शन से सबूत रख देता है – जैसे कि जब कोई बॉलर लगातार विकेट लेता है, तब बोर्ड सोचता है कि वह टीम को आगे बढ़ा सकता है.

हाल की प्रमुख टी20आई कप्तानियां

भारत में हालिया सालों में विराट कोहली ने अपनी आक्रामक शैली से कई जीत दिलाई. फिर भी 2025 के शुरुआती मैचों में कुछ नई चेहरों ने मौका पाया – जैसे हरषित राणा, जिसने टिम20 डेब्यू में अनोखा रिकॉर्ड बनाया. उसकी तेज़ सोच और फील्डिंग एन्गेजमेंट को देखते हुए कई विशेषज्ञ मानते हैं कि वह भविष्य की कप्तानी के लिए तैयार है.

दक्षिण अफ्रीका ने भी अपने युवा सितारों पर भरोसा किया, जिससे उनकी टीम में नई ऊर्जा आई. इसी तरह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े दिग्गज लगातार कप्तान बदलते रहते हैं ताकि टीम को नई दिशा मिल सके. ये बदलाव अक्सर प्रदर्शन के आधार पर होते हैं – अगर टीम कई मैच हार रही हो तो नया चेहरा लाया जाता है.

कप्तान का काम सिर्फ रणनीति नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की मनोस्थिति भी संभालना होता है. जब कोई बॉलर लगातार आउट हो रहा हो या बैट्समैन स्लॉ में फँस जाए, तब कप्तान को शब्दों से टीम को फिर से भरोसा दिलाना पड़ता है. यही कारण है कि कई बार अनुभवी खिलाड़ी को ही चुना जाता है, ताकि वे छोटे-छोटे टेंशन को संभाल सकें.

टी20 का स्वरूप तेज़ी से बदलता रहता है – नए नियम, नई तकनीक और फैंस की उम्मीदें भी बदलती हैं. इसलिए कप्तान को हमेशा अपडेट रहना चाहिए, चाहे वो डेटा एनालिटिक्स हो या सोशल मीडिया पर फ़ीडबैक. जो खिलाड़ी इन चीज़ों को समझकर अपनी टीम में लागू करता है, वही जीत के करीब रहता है.

अगर आप खुद एक युवा क्रिकेटर हैं और कप्तान बनने की सोच रहे हैं तो कुछ आसान कदम मददगार होंगे: पहले मैदान पर हर भूमिका को अच्छी तरह समझें, अपने क्रीडाञ्जलियों से बात करें, मैचों के बाद अपनी रणनीति का रिव्यू लें और हमेशा टीम के साथ संवाद बनाए रखें. छोटे‑छोटे जीत भी बड़ी प्रेरणा बनते हैं.

अंत में ये कहना सही रहेगा कि टी20आई कप्तान वही बनता है जो खेल को समझता है, दबाव में ठंडा रहता है और अपनी टिम को एकजुट रखता है. चाहे वह विराट की आक्रामकता हो या हरषित राणा का नया अंदाज़ – असली बात यह है कि टीम को जीत की दिशा में ले जाना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.

गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस हाइलाइट्स: विराट कोहली के साथ संबंध, टी20आई कप्तानी के लिए हार्दिक पांड्या, और नई कोचिंग स्टाफ
Jonali Das 0

गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस हाइलाइट्स: विराट कोहली के साथ संबंध, टी20आई कप्तानी के लिए हार्दिक पांड्या, और नई कोचिंग स्टाफ

गौतम गंभीर ने श्रीलंका के खिलाफ भारत की सफेद गेंद श्रृंखला से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने विराट कोहली और नए कोच के अच्छे संबंधों पर जोर दिया। गंभीर ने खुलासा किया कि सूर्यकुमार यादव को नए टी20आई कप्तान के रूप में चुना गया है। हार्दिक पांड्या फिटनेस मुद्दों के कारण पीछे हो गए हैं। सहायक कोच के रूप में अभिषेक नायर और रयान टेन डोशेटे नियुक्त किए गए हैं।