अभिनेत्री अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ ने हाल ही में एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय शादी समारोह में विवाह किया। इस अवसर की खूबसूरत तस्वीरें उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा कीं। शादी एक ऐतिहासिक मंदिर में हुई और इसमें केवल उनके परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए। अदिति ने सुनहरे ज़री के काम वाली सुंदर टिश्यू ऑर्गेन्जा लेहेंगा पहनी, जबकि सिद्धार्थ ने पारंपरिक कुर्ता और वेश्टी पहना।
दक्षिण भारतीय शादि: रीतियों की खुशबू और आसान तैयारी
क्या आपने कभी सोचा है कि दक्षिण भारत की शादी में क्या खास होता है? यहाँ के रंग, संगीत और खाने‑पीने की चीज़ें पूरी तरह से अलग माहौल बनाती हैं। इस लेख में हम आपको सबसे ज़रूरी बातों का सार देंगे – कपड़े से लेकर भोजन तक, सब कुछ सरल भाषा में.
मुख्य रिवाज़ और उनका मतलब
दक्षिण भारत की शादियों में कई परम्परागत रस्में चलती हैं। सबसे पहले மணியாள் (मनियाल) यानी दूल्हे के घर में मेहंदी लगाना होता है, जो दो दिन तक चलता है. फिर दुल्हन के घर में कांजा या विवाह कुंडली मिलान की जाती है। ये रस्में दोनों परिवारों को एक साथ लाने का काम करती हैं.
शादी के दिन மீட்டல் (मीटाल) यानी दूल्हा और दुल्हन का पहला मिलन होता है, जहाँ दूल्हे की घोड़ी पर सजीव संगीत बजता है। उसके बाद ஆடம்பரம் (आडम्बरम) या कॉक्टेल रिवाज़ शुरू होती है, जिसमें मेहमानों को हल्का खाना और संगीत दिया जाता है। अंत में விவாகம் (विवाहम्) यानी मुख्य समारोह होता है, जहाँ पंडित द्वारा वैवाहिक फ़ेरे पढ़ाए जाते हैं।
कपड़े, सजावट और खाने‑पीने की चीज़ें
दक्षिणी शादी में दूल्हा अक्सर धोती कुर्ता या सैडर वेशभूषा पहनता है। दुल्हन के लिए सिल्क साड़ी, पल्लु या कंधनिया सबसे लोकप्रिय होते हैं। रंगों में गहरा लाल, नारंगी और हरा अक्सर देखे जाते हैं क्योंकि ये खुशहाली लाते हैं.
सजावट में कोलम (कोलम्ब) के फूल, लैम्प और पत्तियों का इस्तेमाल बहुत होता है। हर जगह लाइट्स और कैंडिलें लगाकर एक रोमांटिक माहौल बनता है. भोजन में इडली‑डोसा, सिरप (सरगौ), रसम, मटन चप्पी और मीठे में पैरी पोहे या जलेबी शामिल हैं. ये सभी व्यंजन स्थानीय स्वाद को दिखाते हैं.
अगर आप शादी की प्लानिंग कर रहे हैं तो सबसे पहले बजट तय करें। फिर रिवाज़ों के क्रम और समय‑सारणी बनाएं, ताकि हर रस्म सही टाइम पर हो सके। खानपान के लिए भरोसेमंद कटरर को चुनें—वे स्थानीय मसालों का सही उपयोग करते हैं और स्वाद में असली दक्षिणी टच देते हैं.
भर्ती की बात करें तो फ़ोटोग्राफ़र, वीडियोग्राफ़र और डीजे को पहले बुक कर लें। दक्षिण भारत में लाइव संगीत—मरम्मा, कर्नाटक वाद्य या फोक गाने बहुत लोकप्रिय होते हैं. अगर आप बजट में रहें चाहते हैं तो स्थानीय कलाकारों से संपर्क करें; वे अक्सर बड़ी कीमत पर नहीं लेते.
अंत में याद रखें, दक्षिणी शादियां केवल समारोह नहीं, बल्कि दो परिवारों की मिलन यात्रा है। हर रस्म का अपना महत्व है और सबको समझदारी से निभाना चाहिए. अगर आप इन टिप्स को फॉलो करेंगे तो आपकी शादी न सिर्फ सुगम होगी, बल्कि सभी मेहमानों के दिल में भी छाप छोड़ जाएगी.
तो अगली बार जब दक्षिण भारतीय शादियों की बात आए, तो इस गाइड को याद रखें और अपने विशेष दिन को यादगार बनाएं!